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कोणासन विधि, लाभ और सावधानियां – Konasana Vidhi, Benefits and Side Effect in Hindi

कोणासन – konasana in Hindi

दोस्तों आज हम आपको कोणासन ( konasana ) के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देने की कोशिश करेंगे. जो लोग कोणासन का अभ्यास करते है. उन लोगो को कई फायदे होता है. हम आपको कोणासन करने के फायदे, कोणासन करने के नुकसान, कोणासन कैसे किया जाता है. इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे. ( योग मुद्रसाना )

इसके अतिरिक्त नियंत्रण कोणासन ( konasana ) का अभ्यास करने वालो के मन में और भी कई तरह के सवाल उठते है. जिसके बारे में आपको जानकारी देना बहुत जरूरी है. जिस वजह से लोग जागरूक हो सके. नीचे हम आपको कोणासन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी देने की कोशिश करेंगे. 

कोणासन क्या है? – what is konasana in Hindi

कोणासन से रीड के दोष दूर होते हैं. स्लिप डिस्क भी ठीक होता है. कंधे, भुजाएं और कलाइयां मजबूत होती है. जांघ की मांसपेशी अभी सबल बनती है. इसके अलावा और भी कई लाभ प्राप्त होते है, जिसके बारे में जानकारी आपको आगे दी जाएगी. 

मनुष्य का शरीर भौतिक, मानसिक, भावनात्मक, भाविक, पुराणिक एवं अध्यात्मिक शक्तियों का संतुलित स्वरूप है. भारतीय ऋषि-मुनियों ने योग जो जीवन जीने की प्राकृतिक एवं नर्सिंग की कला है. कोणासन द्वारा इन सभी शक्तियों का पूर्ण नियम और संतुलन किया है.

इससे मनुष्य परमानंद की अवस्था को प्राप्त करता है. कोणासन शरीर के भौतिक, मानसिक और प्राणिक तल के आरोग्यता प्रदान करते हैं. कोणासन शरीर को पूरी तरह से लचीला एवं निरोग बनाने में सक्षम है.

कोणासन धीमी गति से प्रेम पूर्वक और सुख की अनुभूति के साथ करें. सुबह के समय योग करने का सबसे उपयुक्त उपाय है. सूर्योदय के समय ऑक्सीजन और प्राणशक्ति बल वायुमंडल में सबसे अधिक होती है, इसलिए यह समय स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है. ( वजरोली मुद्रा )

कोणासन खुली हवा में बगीचे में या हवादार कमरे में करें. सांस लेने और छोड़ने का ध्यान रखें. जब हम शरीर को फैलाए तो सांस अंदर लें और जब हम शरीर को संकुचित करें, तो सांस बाहर करें, समझ में ना आए, तो स्वाभाविक सांस ले. योगासन जमीन के ऊपर मोटा कपड़ा, दरी या चादर बिछाकर ही करें, ताकि प्राणशक्ति जमीन में विसर्जित ना हो. ( संभावी मुद्रा )

कोणासन करने की विधि – konasana karne ki vidhi 

बैठकर दोनों हाथ कमर के पीछे रख ले. दोनों पैर मोड़कर आगे की और ताने. सांस लेते हुए अत्यंत धीरे-धीरे एड़ियों और हथेलियों के बल ऊपर उठे. शरीर बिल्कुल सीधा हो जाए, पंजे धरती के साथ लग जाएं और नाभि को ऊपर उठाने का प्रयास करें. सांस सामान्य करते हुए इस स्थिति में यथासंभव रुकें.

कोणासन के फायदे – konasana benefits in Hindi 

कोणासन ( konasana ) शरीर के दोष ठीक होते हैं. स्लिप डिस्क भी ठीक होती है. कंधे, भुजाएं एवं कलाइयां मजबूत होती है. जांघ मांसपेशियां भी सबल बनती है. निष्कासन क्रिया सहज बनती है. रीड की हड्डी लचीली और मजबूत होती है. ( योनि मुद्रा )

यह आसन यौवन एवं आयु बढ़ाता है. पूरे शरीर में रक्त संचार बढ़ता है. स्नायु मंडल की ऊर्जा बहुत बढ़ जाती है, जिससे स्नायु तंत्र शाशक्त और क्षमतामान होता है. पेट और पैरों को बहुत लाभ मिलता है. मोटापा कम होता है. 

कमर दर्द एवं लंबर, स्पॉन्डिलाइटिस में आराम मिलता है. सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस में फायदा होता है. यौन अंग सबल व सशक्त होते हैं. यह आसन महिलाओं के पेट व गर्भाशय को सबल एवं सशक्त बनाता है. शरीर में फुर्ती, शक्ति एवं तेज की वृद्धि होती है. ( मंडूकासना )

कटी पीड़ा, स्वसन रोग, सिर दर्द, आंखों के विकारों में बहुत हितकारी है. हाथ एवं पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करता है. मस्तिष्क में रक्त संचार को सुधरता है. स्मृति तीव्र होती है. इससे जांघ और वस्ती प्रदेश की मांसपेशियां एवं नलिकाओं  को बल प्राप्त होता है. 

चक्रासन नृत्य को के लिए परम उपयोगी है. इस आसन के प्रयोग से नाभि केंद्र स्थिर होता है एवं नालिया सशक्त होती है और रक्त नलिका में रक्त का संचार बढ़ता है, जिससे हमें कई तरह के अद्भुत लाभ प्राप्त होते है. 

कोणासन करने का समय – konasana karne ka samay

konasana का अभ्यास आपको प्रातःकाल के समय में करना चाहिए, इसके आपको अधिक से अधिक लाभ प्राप्त होता है. इसलिए आपको इसका अभ्यास सुबह के समय साउच करने के बाद करना चाहिए. इससे आपको ऊर्जा में काफी बढ़ोतरी होती है. ( शीर्षासन )

कोणासन करते वक्त किया सावधानी बरतनी चाहिए – konasana side effect in Hindi

पूरी क्रिया धीरे-धीरे करनी चाहिए, ताकि कहीं भी झटका नहीं लगे. यदि हाथो, भुजाओ या कंधे में पीड़ा हो, तो इस आसन को ना करें. इस आसन को सामर्थ्य से अधिक हट पूर्वक नहीं करना है. गर्भवती महिलाओं के लिए यह आसन वर्जित है. ( कपालभाती प्राणायाम )

बुखार अथवा रोगी इस आसन को ना करें, जिन्हें पेट में दर्द हो, लीवर, गोल ब्लैडर में पीड़ा हो, इस आसन को ना करें. योगासन धीरे-धीरे प्रेम पूर्वक करना चाहिए. किसी भी तरह का कोई झटका शरीर को ना दें. अगर किसी तरह की घबराहट या पीड़ा हो, तो आसन त्याग दें और श्वसन में लेट जाए. ( ध्यान मुद्रा )

कोणासन वीडियो – konasana videos

आप कोणासन का अभ्यास ज्यादा सरल तरीके से के सकें इसके लिए हम आपको konasana videos की सुविधा दे रहे है, जिससे आप ज्यादा सरल तरीके से इस आसन का अभ्यास कर सकें और इस आसन का पूरा फायदा ले सकें. ( भ्रामरी प्राणायाम )

नोट : अगर आपके पास कोणासन ( konasana ) से जुड़ा किसी तरह के सवाल का जवाब चाहिए, तो आप हमसे संपर्क कर सकते है. इसके लिए आप हमसे ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते है. ( सूर्य नमस्कार )